महासमुंद। बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब का असर महासमुंद जिले में भी देखने को मिला है। अक्टूबर माह के अंत में जिले भर में झमाझम बारिश हुई है, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है और जनजीवन पर असर पड़ा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज 29 अक्टूबर को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया था।
भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज जिले में औसत 41.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तहसीलवार बात करें तो आज सबसे ज्यादा बारिश पिथौरा तहसील में 67.0 मिलीमीटर दर्ज की गई है। वहीं बसना में 51.8 मिलीमीटर, बागबाहरा में 44.5 मिलीमीटर, सरायपाली में 43.6 मिलीमीटर, कोमाखान में 22.0 मिलीमीटर और महासमुंद तहसील में 21.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अचानक हुई इस बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है और किसानों को खेतों में रखी फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वहीं इस पूरे मानसून सीजन की बात करें तो महासमुंद जिले में अब तक औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। एक जून से अब तक जिले में 1285.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। जिले की सभी तहसीलों में भरपूर पानी गिरा है जिससे नदी नाले और जलाशय लबालब हैं। इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश पिथौरा तहसील में 1498.0 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके बाद सरायपाली में 1404.0 मिलीमीटर, बसना में 1263.3 मिलीमीटर, बागबाहरा में 1200.2 मिलीमीटर, महासमुंद में 1192.9 मिलीमीटर और कोमाखान में 1151.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। कोमाखान में जिले में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है फिर भी यह आंकड़ा सामान्य से अधिक है।
अच्छी बारिश के कारण जिले के जल स्रोतों को नया जीवन मिला है। भूजल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अक्टूबर के अंत में हुई इस बेमौसम बारिश से धान की कटाई कर रहे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। जिला प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और किसानों को फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।








