ओडिशा से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक फैला था नेटवर्क, चावल की बोरियों और कैरेट के नीचे छुपाकर हो रही थी तस्करी
महासमुंद। जिले की पुलिस को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। अलग-अलग दो कार्रवाइयों में पुलिस ने 680 किलो से अधिक गांजा जब्त कर पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जबकि वाहन और अन्य सामान मिलाकर कुल करीब चार करोड़ की संपत्ति जब्त हुई है।
पहला मामला थाना सिंघोड़ा क्षेत्र का है। 9 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक माजदा वाहन में बड़ी मात्रा में गांजा छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने एनएच 53 ग्राम रेहटीखोल में घेराबंदी की। वहां महाराष्ट्र नंबर के माजदा वाहन क्रमांक एमएच 18 बीजी 7546 को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के डाले में रखे कैरेट के नीचे 16 बोरियों में 560 किलो गांजा मिला। इस मामले में वाहन में सवार जलगांव महाराष्ट्र निवासी अजय रवींद्र पवार उम्र 30 वर्ष और स्वराज महाजन उम्र 25 वर्ष को गिरफ्तार किया गया था। बरामद गांजे की कीमत 2 करोड़ 80 लाख रुपये है।
पुलिस की जांच यहीं नहीं रुकी। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने इस पूरे सौदे की कड़ी जोड़ी। जांच में सामने आया कि यह खेप ओडिशा के बरमपुर से लोड कर जलगांव महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी। इसी आधार पर पुलिस महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भड़गांव थाना क्षेत्र के देव्हारी गांव तक पहुंची और वहां से इस गांजे को मंगवाने वाले मुख्य आरोपी रोहित निंबा मोहिते उम्र 23 वर्ष को गिरफ्तार कर महासमुंद लाया गया।
दूसरी कार्रवाई 2 नवंबर को थाना सरायपाली क्षेत्र के खम्हारपाली आरटीओ बैरियर के पास हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कंटेनर क्रमांक डब्ल्यूबी 19 एल 3059 में चावल की आड़ में गांजा तस्करी की जा रही है। घेराबंदी कर कंटेनर को रोकने पर उसमें चावल के 300 कट्टों के बीच चार बोरियों में 117 पैकेट में रखा 120 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत 60 लाख 48 हजार रुपये है। मौके से जौनपुर उत्तर प्रदेश के अमनदीप उम्र 27 वर्ष और लल्लू यादव उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।
दोनों ही मामलों में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। पुलिस अब इन तस्करों के फारवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके। ऑपरेशन निश्चय के तहत जिले में लगातार चेकिंग अभियान जारी है।











