मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

एक पेड़ मां के नाम का प्रचार और हजारों पेड़ अडानी के नाम समर्पित करना भाजपा का दोहरा चरित्र – आलोक चंद्राकर

---Advertisement---

महासमुंद। कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव व छत्तीसगढ़ जीव जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम लगाने का ढोंग करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के जंगलों को उजाड़ने का संकल्प ले रखा है। दंतेवाड़ा के बैलाडीला पर्वत में लौह अयस्क के लिए पहाड़ियों से उत्खनन के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि देने की तैयारी है और भाजपा सरकार ने पेड़ों की कटाई की अनुमति दे दी है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि पहले ही आदिवासियों की देवभूमि हसदेव के हरे भरे जंगलों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। एक खदान से अगले 18 साल तक कोयले की आपूर्ति संभव होने के बाद भी हसदेव में लाखों पेड़ काटकर नई खदानें शुरू की गईं। अब बैलाडीला के जंगलों पर भाजपा सरकार की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। एक तरफ भाजपा के लोग एक पेड़ लगाकर उसे मां का नाम दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लाखों पेड़ अपने उद्योगपति मित्र को समर्पित कर प्रदेश को जंगल विहीन बनाने की मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैलाडीला की पहाड़ियों में स्थित डिपॉजिट 13 और नंदराज पर्वत को बचाने के लिए 18 गांवों के लोग नंदराज बचाने संयुक्त पंचायत जन संघर्ष समिति के बैनर तले फिर से एकजुट हो गए हैं। बैलाडीला के पीछे बसे तामोडी गांव में हुई बैठक में गमपुर, डोडीतुमनार, हिरोली समेत 18 गांवों के प्रमुख शामिल हुए। पर्यावरण बचाओ मंच, मूलवासी बचाओ मंच और आदिवासी समाज ने भी आंदोलन में शामिल होने की सहमति दी है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि ग्रामीणों के सवाल जायज हैं कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा को महत्व क्यों नहीं दिया गया। पूर्व की ग्राम सभा शून्य होने के बाद बिना ग्राम सभा के पेड़ों को काटने की अनुमति कैसे मिली। यदि कोई नई ग्राम सभा आयोजित हुई तो उसकी पंजी सार्वजनिक की जाए। अदानी की लीज निरस्त होने के बाद एनसीएल को किन शर्तों पर लीज दी गई और एनएमडीसी डिपॉजिट 13 पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
उन्होंने बताया कि डिपॉजिट 13 तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार करने के नाम पर प्रथम चरण में करीब 7200 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है और वन विभाग ने पेड़ों की मार्किंग भी कर दी है। ठेकेदार के माध्यम से कटाई शुरू भी कर दी गई है जबकि खनन क्षेत्र में होने वाली कटाई अलग से होगी। यह सरकार जल जंगल जमीन को उद्योगपतियों को सौंपकर आदिवासियों किसानों से उनकी जमीन छीनकर उन्हें मजदूर बनाने पर तुली है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान जल, जंगल, जमीन को भाजपा सरकार खत्म करने की मंशा से काम कर रही है। आने वाली पीढ़ी भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment