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शिक्षा व्यवस्था बदहाल, भाजपा सरकार ने 57 हजार शिक्षक भर्ती के वादे को रद्दी की टोकरी में डाला : आलोक चंद्राकर

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शिक्षा व्यवस्था बदहाल, भाजपा सरकार ने 57 हजार शिक्षक भर्ती के वादे को रद्दी की टोकरी में डाला : आलोक चंद्राकर

महासमुंद। जीव जंतु कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अत्यंत चिंतनीय और बदहाल बताते हुए भाजपा की साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षक भर्ती के अपने ही वादों से मुकर गई है और प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा ने प्रदेश के युवाओं से 57 हजार शिक्षकों की भर्ती करने का वादा किया था। यही नहीं, सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 33 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया था। आज ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दोनों वादे केवल कागजों में सिमट कर रह गए हैं और सरकार ने उन्हें रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। वादाखिलाफी का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती नहीं होने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आज प्रदेश के हजारों स्कूल एकल शिक्षकीय हो गए हैं जबकि सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं जो पूरी तरह से शिक्षक विहीन हो चुके हैं। एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है, ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता की कल्पना ही नहीं की जा सकती। शाला त्यागी बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर वर्षों से व्यवस्थित स्कूलों के सेटअप को तहस-नहस कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और गरीब परिवार के बच्चों को बेहतर अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना शुरू की गई थी, जिसके अभूतपूर्व परिणाम सामने आए थे और प्रदेश भर में आत्मानंद स्कूलों के बच्चे मेरिट लिस्ट में टॉप 10 में आए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से इन स्कूलों में मिलने वाली जरूरी सुविधाओं में कटौती कर दी है और शुल्क वसूल कर गरीब परिवारों को हतोत्साहित करने का काम किया है। आज पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अत्यंत कमजोर और चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है, जिसके लिए भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है और छग के गरीब जनता भाजपा को कभी माफ़ नहीं करेगी !

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