महासमुंद। कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव और छत्तीसगढ़ जीव जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने भाजपा की साय सरकार पर प्रदेश के गरीब परिवारों को राशन से वंचित करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जानबूझकर राशन कार्ड के लिए जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लादकर गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित करना चाहती है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए स्मार्ट पीडीएस 2.0 पोर्टल के तहत नए राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्डों में संशोधन के लिए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। इस तुगलकी फरमान से प्रदेश के गरीब, असहाय और मजदूर परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई गरीब परिवारों के पास जमीन का दस्तावेज नहीं है और वे पढ़े लिखे भी नहीं हैं, जिसके कारण उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। शहरी क्षेत्र के लोग नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्र के लोग जनपद और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं और चॉइस सेंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी विवाहित महिलाओं को हो रही है। नियम के अनुसार विवाहित महिलाओं का जाति प्रमाण पत्र मायके से बनता है जबकि राशन कार्ड ससुराल के पते से बनना है। ऐसे में महिलाओं को अपने मायके के लिए दूसरे गांव, ब्लॉक और जिलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक मजदूरी मारी जा रही है और समय व पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। ई-केवाईसी और फिंगरप्रिंट मिसमैच जैसी तकनीकी दिक्कतों ने तो रही सही कसर पूरी कर दी है, जिसके कारण हजारों आवेदन ब्लॉक कार्यालयों में लंबित पड़े हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि जिन परिवारों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है वे मुफ्त खाद्यान्न जैसी जनकल्याणकारी योजना से वंचित हो रहे हैं। यह गरीब विरोधी फैसला है। कांग्रेस सरकार के समय राशन कार्ड बनवाना सरल था और गरीब को राशन आसानी से मिल जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने कागजी जटिलता बढ़ाकर गरीबों की थाली से निवाला छीनने का काम किया है।
उन्होंने मांग की कि सरकार को चाहिए कि पात्र गरीब परिवारों के लिए वैकल्पिक दस्तावेज स्वीकार करे और जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करे ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राशन पहुंच सके। साय सरकार को यह अमानवीय और गरीब विरोधी नियम तत्काल वापस लेना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस सड़क पर उतरकर गरीबों के हक की लड़ाई लड़ेगी।
राशन कार्ड में जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता गरीबों के पेट पर लात : आलोक चंद्राकर







