महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी बिलिंग के संगठित सिंडिकेट पर महासमुंद पुलिस ने विभिन्न राज्यों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय छापरिया को हरिद्वार उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 95 लाख रुपये की नकदी और बरामद की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की शिकायत पर 23 हजार 350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन में एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना और धोखाधड़ी को लेकर थाना पिथौरा में 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। यह मामला बीएनएस, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत पंजीबद्ध है। इसी से जुड़े एक अन्य मामले में थाना सिंघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 87/2026 में खैर लकड़ी के कारोबार की प्रतिस्पर्धा में सरायपाली निवासी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में फरार संजय छापरिया को 18 अक्टूबर को हरिद्वार से घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया।
पूछताछ में दिए मेमोरेंडम के आधार पर ओडिशा के बरगढ़ स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपये और उसके सहयोगी टैक्स कंसल्टेंट के घर से 15 लाख रुपये इस प्रकार कुल 60 लाख रुपये 22 अक्टूबर को जप्त किए गए। वहीं हिमाचल प्रदेश में खैर लकड़ी खपाने में मदद करने वाले ठिकाने पर दबिश देकर 35 लाख रुपये और बरामद किए गए। इसके पहले हिमाचल से ही एक करोड़ 70 लाख रुपये जप्त किए जा चुके थे।
इस कार्रवाई के साथ अब तक आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और सहयोगियों के ठिकानों से कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद जप्त किए जा चुके हैं। पुलिस ने ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी और 9 वाहन जिनमें 5 भारी मालवाहक, 3 कार और 1 पिकअप शामिल है, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है, जप्त किए हैं। अवैध रकम की कुर्की के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत कार्रवाई जारी है।
खैर लकड़ी तस्करी के मुख्य आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार, 95 लाख रुपये बरामद, कुल जप्ती साढ़े तीन करोड़ के पार










