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जहां कार नहीं पहुंचती, वहां सरकार भी नहीं : 26 साल से सड़क-पुल का इंतजार कर रहा पड़कीपाली, अब 232 पोस्टकार्ड से सीएम को जगाने की कोशिश

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महासमुंद/बागबाहरा। छत्तीसगढ़ निर्माण के 26 साल बाद भी एक गांव ऐसा है जहां बरसात में टापू बन जाता है, एंबुलेंस नहीं पहुंचती और वोट देने के लिए तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। हम बात कर रहे हैं खल्लारी विधानसभा के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मरार कसहीबाहरा के आश्रित गांव पड़कीपाली की। इस आदिवासी बहुल गांव के 400 लोगों ने अब शासन-प्रशासन को जगाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। गांव के हर घर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम 232 पोस्टकार्ड भेजे गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 353 से महज साढ़े तीन किलोमीटर दूर बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। बीच में पड़ने वाले नाले पर पुल नहीं होने से बरसात में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। जिला मुख्यालय महासमुंद से महज 18 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद यहां विकास कोसों दूर है। ग्रामीण बताते हैं कि राशन लेने के लिए पंचायत मुख्यालय मरार कसहीबाहरा तक पगडंडी से जाना पड़ता है। मतदान के लिए भी ओकारबंद पोलिंग बूथ तक तीन किलोमीटर का सफर तय करना होता है। मोबाइल नेटवर्क तक यहां मजबूत नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि राज्य निर्माण के बाद से उन्होंने सैंकड़ों बार आवेदन, ज्ञापन देकर पक्की सड़क और नाले पर पुल की मांग की लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। थक हार कर अब गांव के महिला, पुरुष, बुजुर्ग, किसान, युवा और स्कूली बच्चों ने मिलकर पोस्टकार्ड अभियान चलाया। बागबाहरा पोस्ट ऑफिस से 232 पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किए गए हैं। इस अभियान में भुनेश निषाद, मनोज ध्रुव, गंगेश ध्रुव, दीपक ध्रुव, एवन ध्रुव, पंकज ध्रुव, गोविंद यादव, तुकाराम ध्रुव, नरेंद्र निषाद, नूतन ध्रुव, थानसिंग यादव, ओमलाल निषाद, लालजी ध्रुव, धनीराम ध्रुव, भागवत ध्रुव, टीकाराम ध्रुव, मकुंद निषाद सहित पूरे गांव का विशेष योगदान रहा।

ग्रामीणों ने अब आंदोलन की रणनीति भी तैयार कर ली है। नवंबर के पहले सप्ताह में जब प्रदेश सरकार सुशासन का जश्न मना रही होगी, तब पड़कीपाली के ग्रामीण सड़क सत्याग्रह और धरना प्रदर्शन करेंगे। योजना के अनुसार गांव से राष्ट्रीय राजमार्ग 353 स्थित हाडाबंद ओवर ब्रिज तक साढ़े तीन किलोमीटर की पदयात्रा कर मुख्य मार्ग किनारे धरना दिया जाएगा और महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रशासन को सौंपा जाएगा। इसके लिए महासमुंद कलेक्टर, बागबाहरा एसडीएम, तहसीलदार और खल्लारी थाने को सूचना पत्र भेजा जा चुका है।

युवाओं का आक्रोश सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है। इंस्टाग्राम पर “पड़कीपाली सड़क बनाओ” नाम से पेज बनाकर वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। ग्रामीणों में क्षेत्रीय विधायक और सांसद के प्रति भी नाराजगी है। उनका कहना है कि अब सड़क नहीं तो वोट नहीं, बल्कि अब सड़क लेकर रहेंगे।

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