खल्लारी। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व देवी तीर्थ स्थल खल्लारी में उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राग रंग मानस मंडली खल्लारी के तत्वावधान में माता राऊर प्रांगण में भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बुराई के प्रतीक रावण का अंत हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामलीला मंचन के बाद 32 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रहा। भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक स्वरूप द्वारा अग्निबाण छोड़ते ही विशालकाय पुतला धू-धू कर जल उठा और पूरा राऊर प्रांगण जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। दहन के साथ ही हुई भव्य आतिशबाजी ने उत्सव में चार चांद लगा दिए, रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा आसमान जगमगा उठा।
विशालकाय रावण के इस आकर्षक पुतले को मूर्तिकार तुलस चक्रधारी और उनकी टीम ने तैयार किया था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन को लेकर राग रंग मानस मंडली के सदस्यों ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत माँ खल्लारी एवं श्रीराम दरबार के छायाचित्र के समक्ष पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद भगवान गणेश, माँ सरस्वती, भगवान विष्णु, माँ लक्ष्मी और माँ नव दुर्गा के स्वरूपों के साथ सुंदर रामलीला मंचन प्रस्तुत किया गया।
पुतला दहन के पश्चात उपस्थित ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी और सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आयोजन मंडल ने कहा कि दशहरा हमें सिखाता है कि अहंकार और बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर दिखे, जीत अंततः सत्य और अच्छाई की ही होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में भीमराज साहू, रमनदास वैष्णव, राहुल अग्रवाल, नेतराम साहू, कन्हैयालाल साहू, रामेश्वर बरिहा, देवेंद्र दीवान, सोनू यादव, युगल किशोर यादव, करीम खान, युवराज सिंह ठाकुर, श्यामदेव ठाकुर सहित ग्राम पंचायत खल्लारी, श्री खल्लारी मातेश्वरी मंदिर ट्रस्ट, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, व्यापारी बंधुओं और समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।






