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सफलता की उड़ान: साइकिल पर मक्खन बेचने वाले ने कैसे खड़ी की 1000 करोड़ की कंपनी, पढ़ें GRB डेयरी की कहानी

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सफलता की उड़ान: साइकिल पर मक्खन बेचने वाले ने कैसे खड़ी की 1000 करोड़ की कंपनी, पढ़ें GRB डेयरी की कहानी

“पिता के संघर्ष से मिली व्यापार की प्रेरणा”

नई दिल्ली: भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में आज GRB डेयरी फूड्स (GRB Dairy Foods) एक बहुत बड़ा और भरोसेमंद नाम बन चुका है। कंपनी का मौजूदा कारोबार 1000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। लेकिन इस शानदार सफलता की शुरुआत किसी भारी भरकम निवेश या बड़े कारोबारी घराने से नहीं हुई थी। कंपनी के संस्थापक जीआर बालासुब्रमण्यम (G.R. Balasubramaniam) ने बेहद जमीनी स्तर से शुरुआत करते हुए साइकिल पर मक्खन बेचकर इस विशाल साम्राज्य की नींव रखी थी।

अभावों के बीच बीता बचपन

जीआर बालासुब्रमण्यम का शुरुआती जीवन तमिलनाडु में पलानी के पास स्थित ‘चिन्ना करट्टुपट्टी’ नामक एक छोटे से गांव में बीता। उस दौर में इस गांव की कुल आबादी बमुश्किल 300 लोगों की थी। गांव में न तो बिजली की सुविधा थी, न बस सेवा और न ही पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध था। ऐसी कठिन और साधारण परिस्थितियों के बीच उनका बचपन गुजरा।

पिता के संघर्ष से मिली व्यापार की प्रेरणा

बालासुब्रमण्यम के पिता एक छोटे किसान होने के साथ-साथ दाल और अन्य कृषि उत्पादों का व्यापार भी करते थे। वह अपनी साइकिल से ही आसपास के गांवों का दौरा करते, किसानों से सीधा माल खरीदते और फिर उसे नजदीकी कस्बों के बाजार में ले जाकर बेचते थे। चूंकि परिवार बड़ा था, इसलिए घर का पूरा खर्च पिता के इसी छोटे से कारोबार की कमाई से चलता था। पिता की इसी कड़ी मेहनत और व्यापारिक सूझबूझ ने बालासुब्रमण्यम के भीतर भी एक सफल उद्यमी बनने के बीज बोए।

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